आज प्यारे लाल जी बहुत गुस्से में थे गार्डन में मिलते ही बोले""अग्रवाल जी ये नेता लोग बहुत मनमानी कर रहे हैं।पहले तो पैसे और गुंडागर्दी के दम पर चुनाव जीत कर आ जाते हैं फिर जनता को भूलकर अपनी तरक्की में लग जाते हैं,इनका कुछ इलाज होना चाहिए।''
""इलाज तो होना चाहिए पर इलाज है क्या और कौन करेगा?"
""मुझे तो अन्ना हजारे की मॉग सही लगती है।''
""कौन सी मॉग?"
""पहली तो सभी लड़ने वाले उम्मीदवारों को ठुकराने का अधिकार( RIGHT TO REJECT) और दूसरा वापस बुलाने का अधिकार (RIHGT TO RECALL)।''
""लेकिन इससे समस्या समाप्त कैसे होगी प्यारे लाल जी?"
""जब ठुकराने का अधिकार मिल जाएगा तो गलत लोग चुने ही नहीं जाएगें और अगर गल्ती से चुन भी लिए गए तो अधिकार का प्रयोग करके वापस बुला लेगें।''
""प्यारे लाल जी ये बातें सुनने में ही अच्छी लगती हैं,फायदे कम नुकसान ज्यादा हैं।''
""वो कैसे अग्रवाल जी?"
""बात ठुकराने की ले लीजिए,जैसी अभी हालत है अधिकतर प्रत्याशी ठुकरा दिए जाएंगें।आप कितनी बार ठुकराएगें।लोक सभा में 544 सदस्य है मान लीजिए कि 400 चुनाव हो गया और 140 को जनता ने ठुकरा दिया तो लोक सभा का गठन समय पर कैसे होगा।140 सीटों पर सारे प्रत्याशी ठुकरा दिए गए तो लोकसभा का गठन समय पर कैसे हो पाएगा?"
''ये बात तो ध्यान देने लायक है।''
""140 जगहों पर दोबारा नामांकन और चुनाव कराने में कितना समय लग जाएगा?"
""कम से कम तीन महीने ताक लग ही जाएंगें।''
""और 140 में से फिर चालीस ठुकरा दिए गए तो?'
""तो फिर तीन महीने ओर लगेगें।''
""तो इस तरह तो प्यारे लाल जी न कभी चुनाव पूर्ण होगें न लोकसभा का गठन होगा न सरकार बनेगी और न देश चलेगा।''
""ये तो बहुत खराब स्थिति होगी अग्रवाल जी।''
""एक बात और प्यारे लाल जी जब लालू यादव पहली बार एम.एल.ए. या मुख्समंत्री बने थे तब क्या किसी को पता था कि वो युग के सबसे भ्रष्ट नेता निकलेगें।''
""नहीं सपने में भी नहीं सोचा था।''
""आंध्र प्रदेश में जब वाई.एस.आर ने गरीबों की बात की तो किसे पता था कि 10% गरीबों तक पहुंचेगा और 90% जगन की कम्पनियों में पहुंच जाएगा?"
""अग्रवाल जी ऐसा कोई सोच भी कैसे सकता है।''
""मन मोहन सिंह जब प्रधान मंत्री बने थे तो किसे पता था कि कुर्सी बचाने के लिए देश लुटवा देगें।फिर क्या गारंटी है कि जो लोग चुनाव के समय ईमानदार हैं,बाद में बेईमान नहीं बन
जाएंगें?"
""जब मनमोहन सिंह जैसा आदमी धोखा दे सकता है तो किसी की क्या गारंटी?"
लेकिन वापस बुलाने का अधिकार हो तो उनको डर रहेगा और वो भ्रष्ट नहीं होगें।''
""ये कानून तो भारत में लागू ही नहीं हो सकता।लागू हो गया तो अनर्थ हो जाएगा।''
""आप किस अनर्थ की बात कर रहे हैं अग्रवाल जी?"
""पहली बात तो किसी को वापस बुलाने से पहले सिद्ध करना पड़ेगा कि वो निकम्मा और भ्रष्ट है।जैसे ही आप कार्यवाही शुरू करेगें वो अदालत जाकर स्टे ले आएगा।कोर्ट का फैसला आने तक तो लोकसभा का कार्यकाल ही समाप्त हो चुका होगा।''
""बात तो आपकी सही है।''
""दूसरी बात ये कि हमारे देश की जनता पल में तोला और पल में माशा है रोज किसी से नाराज होगी,खुद नहीं होगी तो विरोधी नेता भड़का कर नाराज कर देगें।रोज किसी को वापस बुलाया जाएगा और रोज चुनाव होगा सरकार चलना ही मुश्किल हो जाएगा।''
""ये बात भी ध्यान देने योग्य है।''
""सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि वापस बुलाने के क्या मापदंड और आधार होगें?"
""आधार से आपका क्या तात्पर्य है?"
""मतलब ये कि अगर कोई 35% मतों से जीत कर आया है तो वापस बुलाने के लिए कितने प्रतिशत वोटों की जरूरत पड़ेगी,रोज रोज ये वोटिंग कौन कराएगा,खर्चा कौन उठाएगा?"
""अग्रवाल जी अगर 35% वोटों से जीता है तो वापस बुलाने के लिए 18% वोट तो चाहिए।''
""और 18ऽ नहीं हुए तो पैसा और मेहनत दोनों बेकार जाएंगें।इसमें एक बहुत बड़ा खतरा और भी है प्यारे लाल जी।''
""इसमें कौन सा बड़ा खतरा है।?''
""हमारे देश में बहुत से लोकसभा,विधानसभा क्षेत्र ऐसे है जिनमें जहॉ एक ही जाति या एक ही मजहब के लोगों की प्रतिशत 25ऽ तक है।किसी को जिताने के लिए दूसरों के वोटों का जरूरत होगी पर वापस बुलाने के लिए वो अकेला समूह ही काफी है।''
""आपका इशारा किधर है?"
""आप तो जानते हैं हमारे देश में जातिवाद और मजहबी कट्टरता कितनी ज्यादा है।''
""मुझे क्या ये तो पूरी दुनिया को पता है।""
""ऐसै में जिस समूह के पास 20% वोट हैं वो चुने हुए नेता को ब्लैक मेल कर सकता है।''
""आपकी बातों से तो लगता है कि मर्ज से उपचार ज्यादा घातक होगा।''
लक्ष्मी नारायण अग्रवाल
""इलाज तो होना चाहिए पर इलाज है क्या और कौन करेगा?"
""मुझे तो अन्ना हजारे की मॉग सही लगती है।''
""कौन सी मॉग?"
""पहली तो सभी लड़ने वाले उम्मीदवारों को ठुकराने का अधिकार( RIGHT TO REJECT) और दूसरा वापस बुलाने का अधिकार (RIHGT TO RECALL)।''
""लेकिन इससे समस्या समाप्त कैसे होगी प्यारे लाल जी?"
""जब ठुकराने का अधिकार मिल जाएगा तो गलत लोग चुने ही नहीं जाएगें और अगर गल्ती से चुन भी लिए गए तो अधिकार का प्रयोग करके वापस बुला लेगें।''
""प्यारे लाल जी ये बातें सुनने में ही अच्छी लगती हैं,फायदे कम नुकसान ज्यादा हैं।''
""वो कैसे अग्रवाल जी?"
""बात ठुकराने की ले लीजिए,जैसी अभी हालत है अधिकतर प्रत्याशी ठुकरा दिए जाएंगें।आप कितनी बार ठुकराएगें।लोक सभा में 544 सदस्य है मान लीजिए कि 400 चुनाव हो गया और 140 को जनता ने ठुकरा दिया तो लोक सभा का गठन समय पर कैसे होगा।140 सीटों पर सारे प्रत्याशी ठुकरा दिए गए तो लोकसभा का गठन समय पर कैसे हो पाएगा?"
''ये बात तो ध्यान देने लायक है।''
""140 जगहों पर दोबारा नामांकन और चुनाव कराने में कितना समय लग जाएगा?"
""कम से कम तीन महीने ताक लग ही जाएंगें।''
""और 140 में से फिर चालीस ठुकरा दिए गए तो?'
""तो फिर तीन महीने ओर लगेगें।''
""तो इस तरह तो प्यारे लाल जी न कभी चुनाव पूर्ण होगें न लोकसभा का गठन होगा न सरकार बनेगी और न देश चलेगा।''
""ये तो बहुत खराब स्थिति होगी अग्रवाल जी।''
""एक बात और प्यारे लाल जी जब लालू यादव पहली बार एम.एल.ए. या मुख्समंत्री बने थे तब क्या किसी को पता था कि वो युग के सबसे भ्रष्ट नेता निकलेगें।''
""नहीं सपने में भी नहीं सोचा था।''
""आंध्र प्रदेश में जब वाई.एस.आर ने गरीबों की बात की तो किसे पता था कि 10% गरीबों तक पहुंचेगा और 90% जगन की कम्पनियों में पहुंच जाएगा?"
""अग्रवाल जी ऐसा कोई सोच भी कैसे सकता है।''
""मन मोहन सिंह जब प्रधान मंत्री बने थे तो किसे पता था कि कुर्सी बचाने के लिए देश लुटवा देगें।फिर क्या गारंटी है कि जो लोग चुनाव के समय ईमानदार हैं,बाद में बेईमान नहीं बन
जाएंगें?"
""जब मनमोहन सिंह जैसा आदमी धोखा दे सकता है तो किसी की क्या गारंटी?"
लेकिन वापस बुलाने का अधिकार हो तो उनको डर रहेगा और वो भ्रष्ट नहीं होगें।''
""ये कानून तो भारत में लागू ही नहीं हो सकता।लागू हो गया तो अनर्थ हो जाएगा।''
""आप किस अनर्थ की बात कर रहे हैं अग्रवाल जी?"
""पहली बात तो किसी को वापस बुलाने से पहले सिद्ध करना पड़ेगा कि वो निकम्मा और भ्रष्ट है।जैसे ही आप कार्यवाही शुरू करेगें वो अदालत जाकर स्टे ले आएगा।कोर्ट का फैसला आने तक तो लोकसभा का कार्यकाल ही समाप्त हो चुका होगा।''
""बात तो आपकी सही है।''
""दूसरी बात ये कि हमारे देश की जनता पल में तोला और पल में माशा है रोज किसी से नाराज होगी,खुद नहीं होगी तो विरोधी नेता भड़का कर नाराज कर देगें।रोज किसी को वापस बुलाया जाएगा और रोज चुनाव होगा सरकार चलना ही मुश्किल हो जाएगा।''
""ये बात भी ध्यान देने योग्य है।''
""सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि वापस बुलाने के क्या मापदंड और आधार होगें?"
""आधार से आपका क्या तात्पर्य है?"
""मतलब ये कि अगर कोई 35% मतों से जीत कर आया है तो वापस बुलाने के लिए कितने प्रतिशत वोटों की जरूरत पड़ेगी,रोज रोज ये वोटिंग कौन कराएगा,खर्चा कौन उठाएगा?"
""अग्रवाल जी अगर 35% वोटों से जीता है तो वापस बुलाने के लिए 18% वोट तो चाहिए।''
""और 18ऽ नहीं हुए तो पैसा और मेहनत दोनों बेकार जाएंगें।इसमें एक बहुत बड़ा खतरा और भी है प्यारे लाल जी।''
""इसमें कौन सा बड़ा खतरा है।?''
""हमारे देश में बहुत से लोकसभा,विधानसभा क्षेत्र ऐसे है जिनमें जहॉ एक ही जाति या एक ही मजहब के लोगों की प्रतिशत 25ऽ तक है।किसी को जिताने के लिए दूसरों के वोटों का जरूरत होगी पर वापस बुलाने के लिए वो अकेला समूह ही काफी है।''
""आपका इशारा किधर है?"
""आप तो जानते हैं हमारे देश में जातिवाद और मजहबी कट्टरता कितनी ज्यादा है।''
""मुझे क्या ये तो पूरी दुनिया को पता है।""
""ऐसै में जिस समूह के पास 20% वोट हैं वो चुने हुए नेता को ब्लैक मेल कर सकता है।''
""आपकी बातों से तो लगता है कि मर्ज से उपचार ज्यादा घातक होगा।''
लक्ष्मी नारायण अग्रवाल